Notifications
Clear all

[Completed] नदी की चुदासी मछलियाँ | Nadi Ki Chudasi Machhaliyan

Page 10 / 10

Sexy Emma
Posts: 444
Topic starter
Reputable Member
Joined: 1 year ago

कल्लू को भी ये अहसास हो गया कि गुड़िया को कितना दर्द हुआ होगा.. क्योंकि शुरू में तो वो प्यार से लौड़ा घुसा रहा था.. मगर अचानक ही पूरा लौड़ा एक साथ गाण्ड में चला गया तो दर्द होना लाजिमी है।

कल्लू कुछ देर वैसे ही गुड़िया के ऊपर लेटा रहा.. जब उसका दर्द कम हुआ।

गुड़िया- आ आह्ह.. भइया.. मेरी जान निकाल दी आपने.. आह्ह.. अब उठो भी.. पूरा वजन मेरे ऊपर पेल रखा है..

कल्लू अपने हाथों और घुटनों पर ज़ोर देकर थोड़ा ऊपर हुआ और धीरे-धीरे लौड़ा अन्दर-बाहर करने लगा।

गुड़िया- आह्ह.. भाई.. बहुत दर्द हो रहा है.. प्लीज़ अब बस भी करो.. आह्ह.. निकाल लो ना.. आह्ह.. मैं मर जाऊँगी..

कल्लू- अरे अब तो पूरा अन्दर घुस गया.. अब कैसा दर्द.. बस मुझे थोड़े झटके मार कर गाण्ड को खोलने दे.. उसके बाद मज़े ही मज़े..

गुड़िया- आह्ह.. ठीक है.. आह्ह.. जो करना है आह्ह.. जल्दी करो.. मुझे ज़ोर की सूसू आई है.. आह्ह.. जल्दी करो..

fucking peasant girls erotika vkontakte 3

नदी की चुदासी मछलियाँ | Nadi Ki Chudasi Machhaliyan | Update 44

कल्लू अब स्पीड से गुड़िया की गाण्ड मारने लगा। वो सिसकारियाँ लेती रही.. कुछ देर बाद लौड़ा ‘पक-पक’ की आवाज़ के साथ स्पीड से अन्दर-बाहर होने लगा।

अब गुड़िया को दर्द भी कम महसूस हो रहा था। वो झटकों के साथ उत्तेजित होने लगी थी.. उसकी चूत रस टपकना शुरू हो गई थी.. वो जोश में आ गई।

गुड़िया- आ आह्ह.. भाई.. अब दर्द कम है.. आह्ह.. अब ज़ोर से करो.. आह्ह.. जल्दी मेरी चूत की आ..आग भी आपको मिटानी है आह्ह.. जोर जोर से मेरी गांड मारो आह्ह.. फास्ट..

गुड़िया को अब मज़ा आने लगा था। वो हाथों पर ज़ोर देकर फिर से पूरी घोड़ी बन गई थी और कल्लू अब उसके कूल्हे पकड़ कर ‘दे दनादन..’ लौड़ा पेल रहा था। कुछ देर बाद कल्लू ने गुड़िया की गाण्ड में पिचकारी मारनी शुरू की.. तो गर्म-गर्म वीर्य से उसको बड़ा सुकून मिला।

गुड़िया की गाण्ड को भर कर ‘पक्क’ की आवाज़ के साथ लौड़ा बाहर निकाला और कल्लू बिस्तर पर लेट कर लंबी साँसें लेने लग गया।

गुड़िया की गाण्ड से वीर्य टपक कर बाहर आने लगा.. वो भी कल्लू के बराबर में लेट गई।

गुड़िया- क्या भाई.. आज तो आपने हद ही कर दी.. मेरी जान लेने का इरादा था क्या.. कितनी ज़ोर से गाँड में लौड़ा घुसाया.. मेरी जान निकाल दी आपने।

कल्लू- अरे यार वो ग़लती से हो गया था.. नहीं मैं तो प्यार से ही कर रहा था। वैसे तेरी गाण्ड बहुत टाइट है.. मज़ा आ गया आज तो..

गुड़िया- आपको तो मज़ा आ गया.. मेरी तो हालत खराब हो गई ना.. अभी भी ऐसा लग रहा है जैसे गाण्ड में लौड़ा घुसा हुआ है.. और दर्द भी बहुत हो रहा है। देखो बिस्तर पर ठीक से गाण्ड टिक भी नहीं रही.. इसी लिए करवट लेकर लेटी हुई हूँ।

कल्लू- हा हा हा.. मेरी प्यारी गुड़िया. पहली बार में ऐसा होता है.. अब रोज मरवाओगी.. तो आदत पड़ जाएगी.. उसके बाद दर्द नहीं मज़ा मिलेगा।

गुड़िया- अच्छा अच्छा.. ठीक है.. अब जल्दी से उठो.. मेरी चूत में खुजली हो रही है.. इसमें डालो अब अपना मोटा लौड़ा..

कल्लू- थोड़ा दम लेने दे मेरी जान.... अभी 5 मिनट में लौड़ा खड़ा हो जाएगा। उसके बाद ना कहना कि बस करो मैं थक गई हूँ.. तेरी चूत की प्यास मिटा कर दोबारा गाण्ड मारूँगा तेरी..

गुड़िया- हाँ मार लेना.. मगर रस मेरी चूत में ही डालना.. बड़ा सुकून मिलता है.. जब चूत में गर्म रस अन्दर जाता है।

कल्लू- अब तेरा सूसू नहीं आ रहा क्या.. गाण्ड मारने के वक्त तो बहुत चिल्ला रही थी तू?

गुड़िया- उस वक्त आया था.. अब नहीं आ रहा है।

कल्लू- जाओ कर लो.. नहीं लौड़ा अन्दर जाएगा तो दोबारा बोलोगी.. तब तक मैं थोड़ा रेस्ट कर लूँ।

गुड़िया- हाँ सही कहा आपने.. चुदाई के वक्त फिर से आ गया तो हमारा मज़ा खराब हो जाएगा।

गुड़िया जब उठी तो उसको गाण्ड में दर्द महसूस हुआ.. वो जब चलने लगी तो उसकी चाल बदल गई दर्द की वजह से.. वो कूल्हे उठा कर चल रही थी। गुड़िया गाण्ड को मटकाती हुई सीधी झोपडी के पीछे की तरफ़ चली गई।

To be Continued

Reply
Sexy Emma
Posts: 444
Topic starter
Reputable Member
Joined: 1 year ago

कल्लू- अब तेरा सूसू नहीं आ रहा क्या.. गाण्ड मारने के वक्त तो बहुत चिल्ला रही थी तू?

गुड़िया- उस वक्त आया था.. अब नहीं आ रहा है।

कल्लू- जाओ कर लो.. नहीं लौड़ा अन्दर जाएगा तो दोबारा बोलोगी.. तब तक मैं थोड़ा रेस्ट कर लूँ।

गुड़िया- हाँ सही कहा आपने.. चुदाई के वक्त फिर से आ गया तो हमारा मज़ा खराब हो जाएगा।

गुड़िया जब उठी तो उसको गाण्ड में दर्द महसूस हुआ.. वो जब चलने लगी तो उसकी चाल बदल गई दर्द की वजह से.. वो कूल्हे उठा कर चल रही थी। गुड़िया गाण्ड को मटकाती हुई सीधी झोपडी के पीछे की तरफ़ चली गई।

Couple pissing  each other

नदी की चुदासी मछलियाँ | Nadi Ki Chudasi Machhaliyan | Update 45

कल्लू आराम से लेटा हुआ था तभी उसके दिमाग़ में कोई बात आई और वो उठकर सीधा झोपडी के पीछे की तरफ़ भागा तो देखा गुड़िया पेशाब करने बैठी ही थी कि कल्लू को देख कर खड़ी हो गई और चौंकती हुई बोली- ओह्ह.. भइया. ये क्या है मैं तो डर गई.. आप ऐसे अचानक आ गए?

कल्लू- अच्छा हुआ तूने सूसू नहीं किया.. मेरा भी सूसू आया है चल दोनों साथ में करेंगे.. मज़ा आएगा..

गुड़िया- हा हा हा भाई.. कुछ भी सूसू साथ में करने में क्या मज़ा?

कल्लू- तू देख तो सही.. मैं क्या करता हूँ.. मज़ा ना आए तो कहना..

गुड़िया- जो करना है जल्दी करो.. अब मुझसे रुका नहीं जा रहा.. बड़े ज़ोर का सूसू आया है।

कल्लू निचे बैठ गया और गुड़िया को करीब खींच कर अपनी जाँघों पर बिठा कर उसके मम्मों को चूसने लगा। उसका लौड़ा एकदम कड़क हो गया.. तो उसने गुड़िया की चूत पर लौड़ा टिका दिया और हल्का सा अन्दर पेल दिया।

गुड़िया- आह्ह.. भाई क्या कर रहे हो.. पहले सूसू तो करने दो.. आप बाद में आराम से चोद लेना।

कल्लू- मेरी जान.. मैं चोद नहीं रहा हूँ.. अब तू ज़ोर लगा के सूसू कर.. देख कितना मज़ा आता है..

गुड़िया को बात समझ आ गई.. तो वो मुस्कुराने लगी और अपने भइया के गले में हाथ डालकर एक किस कर दिया।

कल्लू- अब सूसू करो.. मैं धीरे-धीरे तुम्हारी चूत में लौड़ा डालूँगा.. बहुत मज़ा आएगा।

गुड़िया ने सूसू करना शुरू कर दिया उसकी चूत से सीटी की आवाज़ निकलने लगी.. उसकी गर्म-गर्म सूसू कल्लू की जाँघों पर लगी.. तो उसको बहुत मज़ा आया और उसी पल कल्लू ने भी सूसू की धार गुड़िया की चूत में मार दी। गुड़िया एकदम से चिहुँक सी गई..

उसको चूत में अजीब सा अहसास होने लगा।

जब दोनों सूसू कर चुके तो एक-दूसरे को देख कर हँसने लगे।

गुड़िया- हा हा हा भाई आपकी सूसू कितना गर्म थी.. मेरी चूत की सिकाई हो गई.. थोड़ा सा गाण्ड में भी कर देते तो मज़ा आ जाता।

कल्लू- तेरी चूत से कौन सी कोल्ड ड्रिंक बाहर आई है.. वो भी गर्म ही थी और तेरी गाण्ड वाली इच्छा भी दोबारा में पूरी कर दूँगा।

गुड़िया- भइया आपकी पूरी जाँघें और पेट सूसू से सन गया है.. पहले नहा लें.. उसके बाद झोपडी में जाएँगे.. नहीं तो पूरा बिस्तर खराब हो जाएगा और बदबू भी आएगी..

कल्लू- ठीक है मेरी जान.. लेकिन ऐसा मत कहो कि बदबू आएगी.. ये तो अमृत है.. मेरा तो दिल करता है तेरी चूत से निकला इसका एक-एक कतरा पी जाऊँ।

गुड़िया- छी: छी: कितने गंदे हो आप.. सूसू पीने की बात कर रहे हो..

कल्लू- अरे मजाक कर रहा हूँ मेरी जान।

गुड़िया- अच्छा अब बातें बंद..।पहले मेरी चूत की खुजली मिटाओ भइया।

कल्लू:ठीक है गुड़िया।लेकिन एक शर्त पर मैं जैसे जैसे कहूँगा।तुम करोगी।देखता हु इस चुदाई में तुम जीतती हो या मैं।

कल्लू:गुड़िया आ थोडा मेरा लंड चूस दे मैं तुझे गोद में उठाकर चोदना चाहता हूँ।

गुड़िया कल्लू के आगे बैठ जाती है और उसके लंड को पहले जीभ से चाटने लगती है।फिर वह लंड को पूरा मुँह में लेकर चूसने लगती है।

कल्लू:गुड़िया अब तो तू लंड चूसने में पूरी एक्सपर्ट हो गई है।आ मेरी गोद में और अपनी चूत मेरे लंड पर रखकर बैठ जा।गुड़िया अपने भैया की गोद में चढ़कर अपने कोमल हाँथो से कल्लू भइया के लंड को अपनी रसीली चूत में सेट करती है और उसपर बैठ जाती है।कल्लू का लंड गुड़िया की गीली चूत में जड़ तक घुस जाता है।

अब कल्लू गुड़िया को गोद में उठाकर खेत में घुमा घुमा कर चोदने लगता है।कुछ ही देर की चुदाई में गुड़िया पूरा गरम हो जाती है और गोद में ही अपने भइया के लंड पर कूदने लगती है।

फिर कुछ देर बाद कल्लू गुड़िया को गोद से उतारकर कुतिया बना देता है।पीछे से अपना मोटा लंड अपनी छोटी बहन की चूत में पेल देता है।फिर वह गुड़िया के दोनों पैर को ऊपर उठा देता है और गुड़िया को हाथों के बल आगे चलने को कहता है।गुड़िया कुतिया बनी अपने दोनों हाथों के बल आगे चलने लगती है।और कल्लू पीछे से अपना लंड पेलता जाता है।

अब गुड़िया को पुरे खेत में कुतिया बना कर दौड़ा दौड़ा के पेलता है।आधे घंटे की जबरदस्त चुदाई के बाद गुड़िया झर जातो है तब कल्लू अपना लंड गुड़िया की चूत से निकालकर उसे सामने बिठा देता है और पूरा वीर्य गुड़िया के पुरे शरीर पर गिरा देता है।गुड़िया का बदन कल्लू के वीर्य से भीग जाता है।

To be Continued

Reply
Sexy Emma
Posts: 444
Topic starter
Reputable Member
Joined: 1 year ago

अब कल्लू गुड़िया को गोद में उठाकर खेत में घुमा घुमा कर चोदने लगता है।कुछ ही देर की चुदाई में गुड़िया पूरा गरम हो जाती है और गोद में ही अपने भइया के लंड पर कूदने लगती है।

फिर कुछ देर बाद कल्लू गुड़िया को गोद से उतारकर कुतिया बना देता है।पीछे से अपना मोटा लंड अपनी छोटी बहन की चूत में पेल देता है।फिर वह गुड़िया के दोनों पैर को ऊपर उठा देता है और गुड़िया को हाथों के बल आगे चलने को कहता है।गुड़िया कुतिया बनी अपने दोनों हाथों के बल आगे चलने लगती है।और कल्लू पीछे से अपना लंड पेलता जाता है।

अब गुड़िया को पुरे खेत में कुतिया बना कर दौड़ा दौड़ा के पेलता है।आधे घंटे की जबरदस्त चुदाई के बाद गुड़िया झर जातो है तब कल्लू अपना लंड गुड़िया की चूत से निकालकर उसे सामने बिठा देता है और पूरा वीर्य गुड़िया के पुरे शरीर पर गिरा देता है।गुड़िया का बदन कल्लू के वीर्य से भीग जाता है।

Sex in doggy style

नदी की चुदासी मछलियाँ | Nadi Ki Chudasi Machhaliyan | Last Update 46

गुड़िया:भइया देखो तुमने मुझे पूरा गन्दा कर दिया।चलो अब नदी में नहाकर आते है।मेरा पूरा बदन गन्दा हो गया है।

कल्लू:ठीक है गुड़िया चलो।लेकिन पहने कपडे तो पहन लो।गुड़िया अपना टॉप और स्कर्ट पहन लेती है और दोनों नदी के तरफ चल देते है।

गुड़िया:अरे भइया मई तो भूल ही गई थी की जब तुम माँ को तैरना सिखाने लाये थे तो क्या क्या किया। माँ के मोटे मोटे गांड का मज़ा लिया की नहीं।

कल्लू:अरे गुड़िया ।बहुत मज़ा आया माँ के साथ।जब माँ को नंगा करके तैरना सीखा रहा था।तो गहराई में जाने पर जब माँ मेरे लंड पर चढ़ गई थी तो मैंने धीरे से अपना लंड माँ की गदराई चूत में घुसा दिया था।फिर तो माँ इतनी गरम हो गई थी की मेरे गोद में चढ़कर एक घंटे तक अपनी चूत चुदवाती रही।

गुड़िया:सच भइया माँ बहुत चुद्दकड़ है।अब तो तुम्हारे मज़े ही मज़े है।जब मैं शहर चली जाउंगी तब माँ को खेतो में नंगा करके चोदते रहना।

कल्लू:हाँ मेरी गुड़िया।माँ की बात करके तूने फिर से मेरा लंड खड़ा कर दिया।चल अब नदी आ गई है।हमदोनो नंगे नहाते है।तू मेरी गोद में चढ़ जा।आज तुझे भी माँ की तरह चोद दूँ।

गुड़िया अपने कपडे उतार कर पूरी नंगी हो जाती है।कल्लू भी नंगा हो जाता है और गुड़िया को गोद में उठा लेता है।फिर अपना लंड गुड़िया की चूत में पेल देता है और दोनों गर्दन भर पानी में चले जाते है।कल्लू अपनी बहन के रसीले होठो को चाटने चूसने लगता है।और निचे से लंड को धीरे धीरे गुड़िया की चूत में पेलने लगता है।

गुड़िया भी अपने भइया के चेहरे को चाटने चूसने लगती है।अपने चूंचियों को अपने भैया को चुसाने लगती है।दोनों को कितना मज़ा आ रहा है।

आधा घंटा पानी में मस्ती करने के बाद दोनों की उत्तेजना बढ़ गई और वहीं कम पानी में लाकर कल्लू ने गुड़िया को हाथ के सहारे घोड़ी बनाया और उसकी चूत में लौड़ा घुसा दिया और स्पीड से चोदने लगता है।

गुड़िया- आ आह्ह..पेलो भइया.. आह्ह.. आह्ह.. जोर जोर से.. आइ.. आह्. आह्ह.. उई.. मजा आ रहा है।

गुड़िया की बातों से कल्लू को और जोश आ गया, वो उसकी कमर पकड़ कर ज़ोर से चोदने लगा।

दस मिनट में गुड़िया की रसधार बह गई.. मगर कल्लू तो अभी बाकी था.. वो कहाँ रुकने वाला था। वो ‘दे दना दन’ चोदता रहा पेलता रहा।

गुड़िया- आ आह्ह.. भाई.. आह्ह.. चूत ही आ आह्ह.. मारते रहोगे क्या.. आ आह्ह.. दर्द होने लगा है.. अब तो गाण्ड भी खुल गई है.. तो उसमें पेल दो न..

कल्लू- हाँ मेरी रानी.. मन तो मेरा भी तेरी गाण्ड मारने का ही है.. मगर मैं तुम्हारे कहने का वेट कर रहा था।

इतना कहकर कल्लू ने लौड़ा चूत से निकाला और गुड़िया के गांड पर थूक लगा दिया और ‘ठप’ से पूरा लंड एक साथ गाण्ड में घुसा दिया।

गुड़िया- ऐइ.. मर गई रे.. आह्ह.. भाई आराम से डालो ना.. आह्ह.. आज ही तो गाण्ड की ओपनिंग हुई है.. आह्ह..

कल्लू- क्या करूँ जान.. तुम्हारी टाइट गाण्ड को जल्दी से खोलना चाहता हूँ मैं ताकि फिर तुम्हें तकलीफ़ ना हो।

कल्लू स्पीड से गुड़िया की गाण्ड मारने लगा।

करीब 20 मिनट बाद गुड़िया दोबारा गर्म हो गई.. उसकी चूत फिर से रिसने लगी और कल्लू का लौड़ा भी अब आग उगलने को बेताब था.. तो उसने लौड़ा गाण्ड से निकाल कर चूत में घुसा दिया।अब तो कल्लू कभी अपना लंड अपनी बहन की चूत में घुसाता तो कभी गाण्ड में घुसा के पेलने लगता।गुड़िया भी किसी रंडी की तरह गरम हो गई थी ।

वह भी अपनी गांड और चूत दोनों मस्ती में चुदवा रही थी कुतिया बनके।कल्लू ने तेज तेज धक्के मार मार के गुड़िया के गांड और चूत के छेद को पूरा फैला दिया था। जल्दी ही उसका लावा फूट गया.. उसके साथ साथ गुड़िया भी झड़ गई।

गुड़िया- आह्ह.. उफ़फ्फ़.. मज़ा आ गया भाई.. आपके रस से चूत को सुकून मिलता है.. आह्ह.. आज तो मज़ा आ गया।

कल्लू- उफ्फ.. मज़ा तो मुझे आ रहा है तेरी चूत और गाण्ड इतनी टाइट है कि क्या बताऊ हमेशा चोदने का दिल करता है।।
गुड़िया- हाँ भाई.. जितना चोदना हो.. चोद लेना।

कल्लू- हाँ सही कहा.. चल अब तेरी एक इच्छा और पूरी कर देता हूँ.. बड़े ज़ोर का सूसू आई है.. तेरी गाण्ड में गर्म सूसू करके तुझे मज़ा देता हूँ.. तू भी क्या याद करेगी अपने भाई को.. चल घोड़ी बन जा जल्दी से..

गुड़िया घोड़ी बन गई.. कल्लू का लौड़ा पूरा तो कड़क नहीं था.. मगर उसने दोनों हाथों से गुड़िया की गाण्ड को फैला कर लौड़े का सुपारा गाण्ड में फँसा दिया और ज़ोर लगा कर सूसू करने लगा।

गुड़िया- आह्ह.. भाई.. कितना गर्म है.. मज़ा आ गया आह्ह..।

फिर दोनों एक दूसरे को नहलाते है।फिर दोनों शाम को घर आ जाते है।

अब कल्लू बहुत खुश था।उसकी बर्षो की इच्छा पूरी हो गई थी।उसके गाँव की नदी के कारण ही उसे उसकी माँ बहन और चाची की मस्त चूत और गांड मिली थी।

THE END

नदी की चुदासी मछलियाँ | Nadi Ki Chudasi Machhaliyan | End

Villaage naked chicks

नदी की चुदासी मछलियाँ | Nadi Ki Chudasi Machhaliyan | End

THE END

Reply
Page 10 / 10

Join Free ! Unlock Premium Feature

Recent Posts