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Incest ससुर कमीना बहु नगीना | Sasur Kamina Bahu Nagina

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ससुर कमीना बहु नगीना | Sasur Kamina Bahu Nagina | Anupriya | Sexona

Sasur Kamina Bahu Nagina

हैल्लो, दोस्तों मैं एक बार फिर हाज़िर हूँ एक नई स्टोरी के साथ। यह कहानी किसी दूसरे लेखक की है, हो सकता है आपने पढ़ा भी हो। मैं इसमें कुछ बदलाव करके यहां पोस्ट कर रही हूं। उम्मीद है आपको अच्छी लगेगी। इस कहानी का श्रेय इसके असली लेखक को देती हूं।

ससुर कमीना बहु नगीना | Sasur Kamina Bahu Nagina | Anupriya | Sexona

राजीव माथुर अपने कमरे में उदास बैठा है, और TV के रिमोट से चैनल बदल बदल कर अपने दुखी मन को शांत करने की कोशिश कर रहा है। वह 50 साल का एक तंदूरूस्त हट्टा क़ट्टा गोरा व्यक्ति है और उसकी इस 20 लाख की आबादी वाले शहर में कपड़ों की बड़ी दुकान है।

उसने यह काम बड़े ही छोटे लेवल पर चालू किया था पर आज वह एक बहुत ही शानदार दुकान का मालिक था। पर पिछले एक महीने से वह दुकान पर नहीं गया था। दुकान पर उसका जवान बेटा शिवा ही बैठ रहा था जो कि 25 साल का हो चला था। उसकी एक 24 साल की बेटी भी है जिसकी शादी को तीन साल हो चुके हैं और वह एक दूसरे शहर में रहती है।

राजीव के दुःख का कारण यह है कि 6 महीने पहले उसकी पत्नी का कैन्सर की बीमारी से देहांत हो गया। वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था और उसे दुःख इस बात का है कि बिना किसी पूर्वाभास के वह बीमार हुई और असमय स्वर्गवासी भी हो गयी। सब रिश्तेदार आए थे और अब सब अपने घर वापस चले गए थे। आख़िर में जाने वाली उसकी बेटी थी । अब सबके जाने के बाद वह फिर अकेला महसूस कर रहा था। बेटे शिवा ने कहा भी कि काम में मन लगाइए ताकि दुःख कुछ कम हो जाए, पर वह अभी भी सामान्य नहीं हो पाया था।

अचानक TV का चैनल बदलते हुए एक फ़िल्म लग गयी जिसमें एक भरे बदन की हीरोईंन बारिश के पानी में भीग रही थी और उसके बहुत ही मादक अंग साड़ी से दिख ज़्यादा रहे थे और छुप कम रहे थे। ये देखकर अचानक उसके लिंग ने झटका मारा और उसका हाथ अपने लिंग पर चला गया और वह उसे दबाने लगा। उसे अभी अभी महसूस हुआ कि आज कई महीने के बाद उसके लिंग में हरकत हुई है। वरना सविता की बीमारी और उसका शोक - उसका तो लिंग - जैसे खड़ा होना ही भूल गया था।

उसे बड़ा अच्छा लगा और वह लिंग को सहलाता ही चला गया। फिर उसने उसे अपनी लूँगी और चड्डी से बाहर निकाल लिया और अपने बड़े बड़े बॉल्ज़ को सहलाते हुए उसने हिलाना शुरू की। उसका क़रीब 9 इंच मोटा लिंग उसकी मूठ्ठी में आधा भी समा नहीं रहा था। क़रीब 10 मिनट उसे हिलाते हुए अपनी बीवी सविता के साथ बिताए हुए मादक लमहों को याद करते हुए वह झड़ने लगा। उसे लगा कि वह सविता के मुँह में झड़ रहा है। और वह पहले की तरह उसका गाढ़ा वीर्य स्वाद लेकर पीते जा रही है।

पर जब उसने आँख खोली तो अपने को अकेला पा कर उसने आह भरी और सविता को याद करके उसकी आँख भर आइ।

To be Continued

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उसे बड़ा अच्छा लगा और वह लिंग को सहलाता ही चला गया। फिर उसने उसे अपनी लूँगी और चड्डी से बाहर निकाल लिया और अपने बड़े बड़े बॉल्ज़ को सहलाते हुए उसने हिलाना शुरू की। उसका क़रीब 9 इंच मोटा लिंग उसकी मूठ्ठी में आधा भी समा नहीं रहा था। क़रीब 10 मिनट उसे हिलाते हुए अपनी बीवी सविता के साथ बिताए हुए मादक लमहों को याद करते हुए वह झड़ने लगा। उसे लगा कि वह सविता के मुँह में झड़ रहा है। और वह पहले की तरह उसका गाढ़ा वीर्य स्वाद लेकर पीते जा रही है।

पर जब उसने आँख खोली तो अपने को अकेला पा कर उसने आह भरी और सविता को याद करके उसकी आँख भर आइ।

ससुर कमीना बहु नगीना | Sasur Kamina Bahu Nagina | Update 2

हालाँकि वह सविता को बहुत प्यार करता था पर अनेक सफल मर्दों की तरह वो भी कभी कभी यहाँ वहाँ मुँह मार लिया करता था उसकी कमज़ोरी भरे बदन की लड़कियाँ थीं। उसने कई लड़कियों से मज़े लिए पर कभी भी किसी से रिश्ता नहीं बनाया। ज़्यादातर लड़कियाँ एक रात की ही मेहमान होती थीं। बस सिर्फ़ तीन लड़कियों से ही उसके सम्बंध अपेक्षाकृत लम्बे चले, यही कोई तीन चार महीने।

उसने अपना वीर्य साफ़ किया और बाद में सोफ़े पर आकर दुकान का हिसाब देखने की कोशिश किया। दिन के 11 बज गए थे। शिवा को दुकान गए 1 घंटा हो चुका था। तभी कॉल बेल बजी। उसने दरवाज़ा खोला और सामने शीला खड़ी थी। वह घर की नौकरानी थी और सविता की बहुत चहेती थी। उसकी उम्र करींब 50 साल की थी और वह एक चूसे हुए आम की तरह थी। वह आकर किचन में चली गई। वह घर के सब काम करती थी और अब सविता के जाने के बाद खाना भी बना देती थी।

उसके सुखी हुई काया उसके सामने थी और कई महीने का प्यासा राजीव ये सोचने लगा कि क्या इसे ही चोद लूँ? पर जब साड़ी से उसकी नीचुड़ि हुई चूचियाँ देखा तो उसका लिंग शांत हो गया। उसने अपना ध्यान काम में लगाया।

तभी शीला का मोबाइल बज उठा और वह किचन में उसे लेकर बात करने लगी। थोड़ी देर बाद वह बाहर आयी और बोली: साहब, मुझे छुट्टी जाना होगा क्योंकि मेरी बहु को बच्चा होने वाला है। कम से कम तीन महीने लगेंगे।

राजीव: अरे तो हमारा क्या होगा? तुम किसी को काम पर लगा कर जाओ।

शीला: जी साहब, कल से मेरी भतीजी आएगी , उसका नाम रानी है वही काम करेगी, मेरी अभी उससे बात भी हो गई है।

राजीव: ओह उसको खाना बनाना आता है ना?

शीला: हाँ आता है वो कई साल एक परिवार में काम की है उसको सब आता है। आजकल ख़ाली है तो आपके यहाँ काम कर लेगी।

राजीव: क्या शादीशुदा है?

शीला: जी हाँ शादी को 7 साल हो गए हैं। मगर बेचारी को कोई बच्चा नहीं है। इसके कारण दुखी रहती है।

राजीव: ओह ऐसा क्या? अब ये तो भगवान की मर्ज़ी है ना ?

शीला फिर अपने काम में व्यस्त हो गई और राजीव भी अपने काम में लग गया। फिर उसने शिवा को फ़ोन लगाया: बेटा तुम्हारा कल का हिसाब ठीक है , अब तुम बढ़िया काम कर रहे हो। आज मुझे तुमसे एक ज़रूरी बात भी करनी है। रात को मिलते हैं।

To be Continued

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राजीव: क्या शादीशुदा है?

शीला: जी हाँ शादी को 7 साल हो गए हैं। मगर बेचारी को कोई बच्चा नहीं है। इसके कारण दुखी रहती है।

राजीव: ओह ऐसा क्या? अब ये तो भगवान की मर्ज़ी है ना ?

शीला फिर अपने काम में व्यस्त हो गई और राजीव भी अपने काम में लग गया। फिर उसने शिवा को फ़ोन लगाया: बेटा तुम्हारा कल का हिसाब ठीक है , अब तुम बढ़िया काम कर रहे हो। आज मुझे तुमसे एक ज़रूरी बात भी करनी है। रात को मिलते हैं।

ससुर कमीना बहु नगीना | Sasur Kamina Bahu Nagina | Update 3

रात को शिवा क़रीब 9 बजे घर पहुँचा और वो दोनों खाना खाए। बाद में राजीव बोला: बेटा, आज मैं तुमको एक बात कहना चाहता हूँ, मैं सविता के जाने के बाद बहुत अकेला हो गया हूँ, मैं सोच रहा था कि मैं दूसरी शादी कर लूँ। तुम्हारा क्या ख़याल है इस बारे में?

शिवा चौक कर बोला: क्या पापा, ये क्या बोल रहे हैं आप? कितना अजीब लगेगा प्लीज़ ऐसा मत करिए।

राजीव: अगर मैं नहीं कर सकता तो तुम कर लो। बेटा, घर में एक औरत होनी ही चाहिए। घर औरत के बिना अधूरा होता है।

शिवा: ठीक है पापा, अगर आप ऐसा चाहते हो तो यही सही।

राजीव: अब ये बताओ कि तुम्हारी कोई गर्ल फ़्रेंड है?

शिवा: पापा आप जानते ही हो कि मेरी किसी लड़की से दोस्ती नहीं है। मुझे तो दुकान से ही फ़ुर्सत नहीं मिलती।

राजीव: तो फिर मैं तेरे लिए लड़की देखनी शुरू करूँ?

शिवा: ठीक है पापा आप देखिए । काश मां होती तो ये काम वो करतीं? है ना?

राजीव: हाँ बेटा वो तुम्हारी शादी का बहुत अरमान रखती थी पर बेचारी के अरमान पूरे ही नहीं हो सके।

थोड़ी देर और बातें करके वह दोनों अपने अपने कमरे में सोने चले गए।

सुबह 5 बजे उठकर राजीव फ़्रेश होकर एक घंटे की सैर पर गया। वहाँ बग़ीचे में कई लड़कियाँ और औरतें भी ट्रैक सूट में अपने गोल गोल चूतड़ों को उभारे घूम रही थीं और राजीव का मन बड़ा बेचेंन हो रहा था। उनकी छातियाँ भी दौड़ने के दौरान ऊपर नीचे होकर उसकी ट्रैक सूट के अंदर उसके हथियार को कड़ा किए जा रहीं थीं। इसी हालत में वह वापस आया और कमरे में बैठ के पसीना सुखाने लगा। तभी काल बेल बजी और उसने दरवाज़ा खोला।

बाहर एक लड़की खड़ी थी। वह समझ गया कि यह रानी ही होगी। उसने पूछा: तुम रानी हो ना?

रानी: जी साहब मैं ही शीला चाची की भतीजी हूँ।

राजीव: आओ अंदर आओ। फिर उसने उसे पूरा घर दिखाया और कहा : पहले चाय बना दो।

किचन से बाहर आते हुए उसने रानी को भरपूर निगाहों से देखा। वह कोई 24 या 25 से बड़ी नहीं दिख रही थी। भरा बदन, छाती भी बड़ी और चूतड़ों में भी सेक्सी उभार था। वह उसकी ही टाइप की तो लड़की थी। उसे तो भरी हुई लड़की अच्छी लगती है।

थोड़ी देर बाद वह चाय लायी । चाय लेते हुए वह बोला: तुम सच में शादीशुदा हो?

रानी: जी साहब मेरी शादी को सात साल हो गए हैं। मैं 27 की हूँ।

फिर वह अपने काम में व्यस्त हो गयी। राजीव सोचने कहा कि साली ये तो भरे हुए बदन की है ,मज़ा आएगा इसके साथ।

थोड़ी देर बाद वह उसके कमरे में झाड़ू लगा रही थी तो उसकी क़ुरती ऊपर चढ़ गयी थी और उसके चूतड़ सलवार से दिख रहे थे। राजीव सोचने लगा कि इसके साथ सेक्स करने में कोई बुराई नहीं है। मज़ा लिया जा सकता है।

शिवा अभी भी सो रहा था, वह अक्सर 8 बजे से पहले नहीं उठता था।

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तुम सच में शादीशुदा हो?

रानी: जी साहब मेरी शादी को सात साल हो गए हैं। मैं 27 की हूँ।

फिर वह अपने काम में व्यस्त हो गयी। राजीव सोचने कहा कि साली ये तो भरे हुए बदन की है ,मज़ा आएगा इसके साथ।

थोड़ी देर बाद वह उसके कमरे में झाड़ू लगा रही थी तो उसकी क़ुरती ऊपर चढ़ गयी थी और उसके चूतड़ सलवार से दिख रहे थे। राजीव सोचने लगा कि इसके साथ सेक्स करने में कोई बुराई नहीं है। मज़ा लिया जा सकता है।

शिवा अभी भी सो रहा था, वह अक्सर 8 बजे से पहले नहीं उठता था।

ससुर कमीना बहु नगीना | Sasur Kamina Bahu Nagina | Update 4

राजीव ने बात चलायी: कौन कौन घर में है तुम्हारे?

रानी : मेरा पति और मेरी सास।

राजीव ने जानबुझ कर पूछा: और बच्चे?

रानी उदास होकर बोली: जी नहीं हैं।

राजीव: शादी को सात साल हो गए? डॉक्टर को दिखाया कि नहीं?

रानी: जी दिखाया है वो बोले कि मेरे में कोई कमी नहीं है। और मेरा मर्द तो डॉक्टर के पास जाने को राज़ी ही नहीं है। क्या कर सकती हूँ भला मैं!

राजीव: ओह तो कमी उसी में होगी । सास कुछ बोलती नहीं तुमको?

रानी: दिन भर ताने सुनाती है और बेटे की दूसरी शादी की भी धमकी देती है।

राजीव: ओह ये तो बड़ी समस्या है।

रानी उसको अजीब निगाहों से देख रही थी, शायद यह समझने की कोशिश कर रही थी कि यह बुज़ुर्ग उसमें इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रहा है। वैसे उसे यह कुछ बुरा नहीं लगा। ये सच है कि उसे ज़्यादा अटेन्शन नहीं मिलता था। इसलिए साहब का उसमें दिलचस्पी लेना उसे अच्छा ही लग रहा था।

राजीव नहाने चला गया और उसे बग़ीचे की सेक्सी लड़कियाँ याद आ रही थीं और उसका लिंग खड़ा हो गया। आऽऽह क्या मस्त दूध थे और क्या उभरी हुई गांड थी। वह अपने लिंग को दबाए जा रहा था। तभी उसके ध्यान में रानी का बदन और उसके सलवार में चिपके चूतड़ आये और वह मज़े से मुस्कुराया और सोचा कि शायद उसको चोदने में भी बड़ा मज़ा आएगा।

वह नहा कर बाहर आया और टी शर्ट और लोअर पहन कर तैयार हुआ और किचन में जाकर रानी को बोला: दो ग्लास केसर बादाम डाल कर दूध बनाओ। साथ ही 2 सेब केले और नाशपाती भी काट के लाओ। रानी ने हाँ में सिर हिलाया और काम में लग गयी।

थोड़ी देर में वह एक ट्रे में दूध का दो गिलास और फल काटकर लायी। और सामने टी टेबल पर रख दिया जो कि सोफ़े के सामने रखा था।

राजीव ने एक गिलास दूध उठाया और उसके हाथ में दे दिया। रानी ने प्रश्न सूचक नज़रों से देखा और बोली: छोटे साहब उठ गए क्या? उनको देना है?

राजीव: अरे वो तो 8 बजे उठेगा। यह तुमको पीना है। मैं तुम्हे यहाँ किसी चीज की कमी नही होने दूंगा। तुम भी फैमिली का हिस्सा हो। तो चलो पीओ अब।

वह हैरान होकर उसको देखी और राजीव ने दूसरा गिलास उठाया और पीने लगा। और फिर से उसे पीने का इशारा किया। वह धीरे से पीने लगी। साफ़ लग रहा था कि उसे बहुत अच्छा लग रहा था।

फिर राजीव ने फल की प्लेट उठायी और पास ही खड़ी रानी को बोला: लो फल भी खाओ।

वह झिझकते हुए बोली: साहब पेट भर गया।

राजीव ने उसके पेट की तरफ़ इशारा करके कहा: देखो इतना छोटा भी नहीं है तुम्हारा पेट कि इसमे फल की भी जगह नहीं हो। चलो खाओ। फिर उसका हाथ पकड़कर पास में बिठाया और उसके मुँह में सेब का एक टुकड़ा डाल दिया। वो थोड़ी सी परेशान दिख रही थी, पर खाने लगी।

राजीव: सुबह से कुछ खाया है? उसने नहीं में सिर हिलाया। तब उसने एक टुकड़ा और उसके मुँह में डाल दिया। अब राजीव भी खाने लगा और उसे भी खिलाए जा रहा था। रानी को कभी इतना अटेन्शन नहीं मिला था सो वह भी इन पलों का आनंद लेने लगी। फल ख़त्म होने के बाद राजीव बोला: शाबाश, बहुत बढ़िया। फिर उसके हाथ को पकड़कर बोला: आधे घंटे के बाद मैं पराँठा और ओमलेट खाऊँगा, वो भी मेरे और अपने लिए भी बना लेना। साथ ही खाएँगे। ठीक है?

रानी: जी साहब । फिर वह खड़ी होने लगी तो राजीव ने उसका हाथ छोड़ दिया। वह किचन में चली गयी। राजीव भी पेपर पढ़ने लगा। शिवा अभी भी सो रहा था।

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राजीव: सुबह से कुछ खाया है? उसने नहीं में सिर हिलाया। तब उसने एक टुकड़ा और उसके मुँह में डाल दिया। अब राजीव भी खाने लगा और उसे भी खिलाए जा रहा था। रानी को कभी इतना अटेन्शन नहीं मिला था सो वह भी इन पलों का आनंद लेने लगी। फल ख़त्म होने के बाद राजीव बोला: शाबाश, बहुत बढ़िया। फिर उसके हाथ को पकड़कर बोला: आधे घंटे के बाद मैं पराँठा और ओमलेट खाऊँगा, वो भी मेरे और अपने लिए भी बना लेना। साथ ही खाएँगे। ठीक है?

रानी: जी साहब । फिर वह खड़ी होने लगी तो राजीव ने उसका हाथ छोड़ दिया। वह किचन में चली गयी। राजीव भी पेपर पढ़ने लगा। शिवा अभी भी सो रहा था।

ससुर कमीना बहु नगीना | Sasur Kamina Bahu Nagina | Update 5

आधे घंटे के बाद वह नाश्ता डाइनिंग टेबल पर लगा दी। उसने राजीव के लिए एक प्लेट भी लगा दी थी।

राजीव: तुम्हारी प्लेट कहाँ है? मैंने कहा था ना कि जो मैं खाऊँगा वही तुमको भी खाना है। चलो प्लेट लाओ और बैठो यहाँ।

रानी: साहब मैं खा लूँगी, अभी आप खालो।

राजीव: पक्का बाद में खा लोगी?

रानी: पक्का खा लूँगी।

राजीव: अच्छा चलो एक कौर तो मेरे हाथ से खाओ। ये कहकर उसने उसके मुँह में एक कौर डाला और वो उसको खाते हुए किचन में चली गयी। उसने बड़े प्यार से गरम गरम पराँठे खिलाए और राजीव ने भी उसकी पाक कला की बहुत तारीफ़ की। वो शायद तारीफ़ की भी भूकी थी क्योंकि वह बहुत ख़ुश हो गयी थी। फिर राजीव ने दो कप चाय माँगी। जब वह चाय लायी तो उसने उसे ज़िद करके अपने बग़ल में बैठाया और चाय पीने को बोला। वह चुपचाप चाय पीने लगी।

राजीव: तुम्हारा पति तुम्हें प्यार तो करता है ना?

रानी की आँख गीली ही गयी और बोली: जैसे आज आपने इतने प्यार से खिलाया ऐसे भी आजतक उसने मुझे सात साल में कभी नहीं पूछा। वो औरत को बस एक काम के लिए ही समझता है।

राजीव ने भोलेपन से पूछा: किस काम के लिए?

रानी ने नज़रें झुका लीं और बोली: वही जो मर्द को चाहिए बिस्तर में औरत से।

राजीव: ओह अब समझा। सच में तुम्हारा मर्द ऐसा है? ये तो बड़ी अजीब बात है।

रानी: साहब हम ग़रीब औरतों का यही हाल है?

राजीव ने उसकी कलाई पकड़ी और उसको सहलाने लगा और बोला: देखो तुम कितनी दुबली हो? मैं तो तुमको तगड़ी करके ही मानूँगा।

रानी हँसकर बोली: साहब ,मैं तो पहले से ही तगड़ी हूँ, और तगड़ी बना के पहलवानी करवाओगे क्या? इस पर दोनों हँसने लगे।

फिर रानी अपने काम में लग गई, थोड़ी देर बाद शिवा भी उठकर आया और राजीव ने उसके लिए भी चाय मँगवाई। रानी चाय लाई और शिवा को नमस्ते की। राजीव ने बताया कि यह नई नौकरानी है। शिवा ने ओह कहकर चाय पी। फिर दोनों बाप बेटा दुकान की बात करने लगे। बाद में शिवा नहाने चला गया। राजीव ने रानी को उसके लिए नाश्ता और लंच के लिए डिब्बा भी बनाने को कहा।

शिवा तैयार होकर नाश्ता करके लंच का डिब्बा लेकर 10 बजे दुकान चला गया। अब घर में फिर से दोनों अकेले हो गए।

थोड़ी देर बाद राजीव ने रानी को आवाज़ दी और बोला: मैं ज़रा बाज़ार जा रहा हूँ, तुम्हें कुछ चाहिए? फिर अचानक उसकी निगाहें उसकी बड़ी बड़ी आँख पर पड़ीं और उनमें एक सफ़ेदी सी देखकर वह उसका हाथ पकड़ा और उसकी उँगलियों के नाख़ून को चेक किया और बोला: अरे तुमको तो आयरन की कमी है , ऐसी ही कमी एक बार मेरी बीवी को भी हो गयी थी। मैं आज दवाई लाउँगा। ये कहकर उसने उसका हाथ छोड़ा और बाहर निकल गया।

To be Continued

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